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टेक्नोलाॅजि विजन 2020 एक्सरसाइज E-mail
राष्टृ की आर्थिक प्रगति में प्रौद्योगिकी की भूमिका की पहचान बड़ी तेजी से की जा रही है। वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी की शक्ति विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है और व्यापारिक संगठनों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है।
खास तौर पर, विकासशील देशों ने आर्थिक दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कराई है। इस चलन से यह संकेत मिलता है कि 21वीं सदी में आर्थिक शक्ति तीसरी दुनिया की तरफ केंद्रित रहेगी। आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए प्रौद्योगिकी एवं अर्थतंत्र को समग्र रूप से काम करना होगा। आर्थिक उदारीकरण के चलते भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक होना होगा। इसलिए, हम क्या हासिल कर सकते हैं, इसके लिए स्पष्ट रूप से एक विजन होना अनिवार्य है और कैसे हम उसे पा सकते हैं, इसे भी जानना होगा। भारतीय उद्योग को 2020 तक इस प्रकार की प्रगति करनी होगी, जिससे कि यह देश आर्थिक नेतृत्व के लिए सक्षम हो सके। इस प्रकार के नेतृत्व की नींव बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियों के भीतर प्रौद्योगिकी सामथ्र्य श्रेष्ठ है या नहीं।
टाइफैक ने भारत के लिए टेक्नोलाॅजि विजन 2020 तैयार किया था, ताकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्टृीय पहल की जा सके और नीति निर्धारण का काम हो सके और विज्ञान एवं तकनीकी नीतियों को समग्र रूप से विकसित किया जा सके। न केवल निवेश की दृष्टि से बल्कि राज्य एवं राष्टृीय स्तर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समग्र विकास की दृष्टि से भी नीतियां विकसित की जा सके।
वास्तविक रूप से टेक्नोलाॅजि विजन 2020 एक्सरसाइज में अन्यान्य समूहों - उद्योग, सरकारी, आर ऐंड डी संस्थान एवं अकादमिक सबको मिलाकर लगभग 5000 विशेषज्ञों की भागीदारी रही।
17 टास्क फोर्स एवं पैनल में से 10 विशेषज्ञ औद्योगिक जगत के थे, 5 आर ऐंड डी के व 2 सरकारी संस्थान से थे। हर टास्क फोर्स की अध्यक्षता एक कंपनी के अध्यक्ष कर रहे थे और साथ में एक समन्वयक व अन्य सदस्य, विशेषज्ञ आदि थे।